होज़ख़ास विलेज़ में सोलह अगस्त के दिन कुंजूम café में इतनी ज़्यादा भीड़ मोजूद थी कि वहाँ हर कोई हैरान हुए बिना नहीं रह सका | इतना शौर था की कुंजूम café गिलास में रक्खी आइस क्यूब की माफिक़ खड़खड़ा रहा था | थोड़ी देर में लोगों को मामला समझ आ चुका था | वहाँ StoryMirror Square (SMS) नाम से एक राइटर मीट अप चल रहा था | जिसमें लोग बड़े चाव के साथ शरीक़ हुए थे | वहाँ डीयू के बहुत सारे ऐसे लड़के - लड़कियाँ भी थे जो लिखने और सुनाने के लिए बहुत ज़्यादा excited थे| मीट अप अपने तयशुदा वक़्त पर शुरू हुआ यानी दोपहर के बारह बजते ही शंखनाद हो चुका था | सबसे पहले StoryMirror की टीम ने सबका इस्तक़बाल किया और उसके बाद टीम के हर एक सदस्य ने अपना स्वतंत्र रूप से संक्षिप्त सा इंट्रो दिया | उसके बाद सभी उत्सुक राइटर्स से उनके बारे में भी पूछा गया , उनकी दिलचस्पीयों के बारे में भी जानकारी ली गई |
हिन्दी और ठेठ भाषाओं के साथ स्टायर का इस्तेमाल बहुत आसानी के साथ करता है | मीट अप में देखने के लिए जो सबसे खास बात लगी वो ये थी की हर आयु वर्ग के राइटर्स वहाँ मोजूद थे | साथ ही "गिरीश शर्मा " जैसा उम्दा और आश्र्यचकित करने वाला गिटारिस्ट ,सिंगर और musician भी अपनी प्रस्तुति के लिए मीटअप में मोजूद था | सीनियर लोगो में किरण बाबल जी ,मुकेश निरूला जी भी अपनी कविताओं के साथ जो हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं मोजूद थे | ईशान दफ़ूटी , तौसीफ़ अहमद , रेहान ख़ान, इंदरजीत घोषाल, नज़रे इमाम, सच्ची कक्कर , राखी शर्मा, प्राशू जैन, भारत शर्मा, सोम्या तिवारी, मीमांसा शेखर, अंकिता गोयल, रजत महयच, हरेन्दर शर्मा जैसे दिल्ली शहर के युवा लेखक भी इस जलसे में एक नये उत्साह के साथ शरीक हुए | डीयू से जो विद्यार्थी राइटर्स आए थे , उन्होने तो अंदर तक झकझोर दिया अपनी लिखी हुई रचनाओं को सुनाकर | किसी ने Poem सुनाई किसी ने शॉर्ट स्टोरी तो किसी ने लेख भी सुना दिया | तभी तो हम कह सकते हैं की इस मीट अप में किसी भी तरह की कोई सीमाएँ नहीं थी | मीट अप के मध्य में गिरीश और भारत ने ऐसा माहौल बनाया की कुछ मिनटों तक सिर्फ़ तालियाँ ही सुनाई देती रही |
इस मीट अप का संचालन आशीष और आसिफ़ ने किया | जहाँ आसिफ़ विशुद्ध अँग्रेज़ी मे लिखता है तो वहीं आशीष वास्तव में young साहित्य ने पूरी तरह से literature का नक्शा बदल के रख दिया है | इतनी कम उम्र के बावजूद आप एक अनुभवी रचना को सबके सामने पेश करते हो ये अपने आप में एक बहुत बड़ी बात होती है | sms मीट अप के दौरान सभी राइटर्स को कुंजूम café की फ्री coffee स्कीम का भी बहुत बड़ा फायडा मिला | पूरे मीट अप के दौरान हर किसी के दिल में ये बात ज़रूर आई होगी की साहित्य सच में ही अब उम्र की बंदिशो में नहीं रहा | ऐसे युवा जन्म ले चुके हैं जो गहरे साहित्य के साथ उसमें रचने बसने का माद्दा रखते हैं | और इसी मुहिम को आगे ले जाने के लिए स्टोरी मिरर sms को अस्तित्व में लाया है | आप ये मानिए की StoryMirror ने एक नई क्रांति का आगाज़ किया है जिससे young साहित्य को सच में ही एक बहुत बड़ा मंच मिला है | जिसपर young साहित्य अपना नाट्य खुद लिखेगा और खुद ही प्रस्तुत करेगा | StoryMirror ने हरेक पहलू पर सबसे खुलकर बात की गई , लोगों के विचार भी सुने गये StoryMirror को लेकर | इसके बाद सबने खुशी खुशी वहाँ से विदा ली StoryMirror के गुडिज़ के साथ , साथ ही ग्रूप फोटो भी खिचवाई गई | एक अनूठे और नये उत्साह के साथ वहाँ से सबने विदा ली | sms का ये पहला राइटर्स मीट अप समाप्त हो चुका था लेकिन कुंजूम cafe में काम करने वाले जगदीश और बाकी लोग अब भी अचम्भित थे पहली बार ऐसा young साहित्य का महाकुंभ देखकर |
- Ashish Jangra
StoryMirror

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